Thursday, 16 July 2015

आदमी सड़क का.......

बस बिना कारण के
मुस्कराये ........
अभी
इस पल
और खुद
से मिल
कर
खुद
को जानो
रुको
मंजिल
है
ही नही
बस यात्रा है
बे-मतलब की
बे अर्थो की
सिर्फ
जन्म
है
मौत
तक
बाकि
सब
जोड़ तोड़
गुना भाग और भागम भाग
समझो
और इक
पल
आपने आप पे
सिर्फ
मुस्करा दो
और
खुद
को खुद
से पा लो .क्योकि हम आदमी है सड़क के ........Smile Plz

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