Thursday, 16 July 2015

मैं नाटक करता हूँ.....

सवेरे उठता हूँ रोटी मिलती है
और मै तेयार होता हूँ कुर्ता जींस पेरो में चपल डाल के सारा दिन बजार घूमता हूँ
इन सब के बीच कविता गीत गजल और कहानी कहता और सुनता हूँ
और
नाटक करता हूँ।
कुछ लोग सोचते है कल क्या होगा इसका 
पर कहते है कल कभी नहीं आता
मेरा तो सिर्फ आज है
।शायद
इसलिए मै  बिजनस man नहीं
कलाकार हूँ मै
iam sanjivv shaad ।

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