Thursday, 16 July 2015

पेड़

पेड़
के पास कुछ देर के लिए रुका सैर के वक्त
बूढ़ा था लम्बी लम्बी डालिया पते मन करता था बैठा रहूँ
उसकी गोद में .......
अब भी कभी उसके पास से गुजरता हूँ तो रुकता हूँ कुछ पल के लिए
और पेड़ होने का मन करता है
शांत होने को मन करता है ........... शुक्रिया उन हाथो को जिसने पता नहीं किन वर्ष पहले लगाया होगा ये पेड़
आओ पेड़ लगाये ताकि
हज़ारो वर्षो बाद किसी के मन से हमारे लिए भी निकले
शुक्रिया..........

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