Thursday, 16 July 2015

हर नज़र.....

क्यों कैसे
और हर कोई
देखता है
मुझे
अलग -2
नज़र से
और
मैं इक हूँ जो हर नज़र का मतलब समझती हूँ .....
अर्थ समझती हूँ।
और
रिश्तों में पिसती हूँ......

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