Sunday, 13 September 2015

घुमक्कड़

Ghoomakkad....
कौन नही होता
हर कोई होता है
ढूंढता वो है
जो खोया ही नही
मिलता वो है
जो माँगा ही नही
सोचता वो है
जो समझा नही
जोड़ता वो है
जो टुटा ही नही
रुकता वो है
जो चला ही नही
आधा अधूरा है सब
पूरा कोई भी नही
ढूढ़ते है जबाब सब
पर सही सवाल नही
किस्से है सबके
सबकी कहानी कोई नही
ठौर ठकाने तो है
घरबार का पता कोई नही
गुम है हर कोई अपने आप में
गुमशुदा का इश्तिहार कही लगा नही
सफर अभी जारी है
रात्रि से कल
शुभ सवेर् तक
Ghoomakkad का ....शाद

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