Friday, 27 May 2016

MC.... मनोज

अंतिम संस्कार के बाद......
आज सारा दिन उदास रहा
22 मई को दिलो को जीत कर जीता था MC का चुनाव वो 26 मई को सड़क हादसे में ज़िन्दगी हार गया
हम सब का मित्र
हमारे शहर का अनमोल हीरा
जिसके मन में न जाने इस शहर के विकास के लिए कितने सपने थे .......
हर किसी को यकायक रास्ते में मोटरसाइकल पे ही मिल जाता था बाज़ार गली या किसी मुहल्ले में
मनोज ....जिसे मौजी कहते थे सब
सच यार आज
विदा करके
मन मौजी नही रहा.........
और मेरे जैसे आनेक लोग
वार्ड no 3 की दीवार पे लगे
वो उसके पोस्टर ....
सिर्फ
इक याद है
नम आँखों के साथ
और लगता है
वो यही है
कही
मिलेगा
किसी मोड़ पे शहर के चौराहे पे
अपनी मोटरसाइकल पे
अपनी सकारात्मक सोच के साथ
सच भी आज झूठ लगता है
हे परमात्मा
तेरा ये फैसला
हमे मंजूर नही
क्या करू.... तेरे पे कोई जोर नही
डबवाली शहर के लिए
मनोज
इक ख़याल
इक ख्बाव
और मन में इक सम्मान ......shaad

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