Friday, 29 July 2016

फ्रेम...

जिंदगी फ्रेम में जड़ी हुई
तस्वीर नही होती

ख्बाव और ख्याल
की दीवार पे.शायद रेंगती हुई चींटी जैसी है

ये बात अलग है चींटी कभी न कभी जिंदगी के बाद  लटक जाती

याद की दीवार पे इक फ्रेम में जड़ कर......

अक्सर उस तस्वीर के लिए सुंदर से सुंदर फ्रेम खरीदती है .......कुछ चींटिया ........shaad

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