Tuesday, 20 December 2016

आज के दिन 23 दिसम्बर को

आज के दिन
उनमे कोई मेरा अपना नहीं था
किसी के साथ खून का रिश्ता नहीं था
टपके थे आंसू जिनके लिए कांप गया था दिल
इसलिए
शायद इंसानियत श्रदा और विशवास के रिश्ते  सब रिश्तो से बड़े होते  और जिंदा होते है  पक्के होते है इसलिए आज भी सम्मान है  नमन है उन रिश्तो को जिन रिश्तो को  जाति धर्म  समाज ने नहीं  बल्कि मानवता ने अपने गर्भ से जन्म  दिया -------आज के दिन

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