Monday, 27 February 2017

सुरजीत maan

गुरुदेव प्रणाम ....28 फरवरी ....एक तारीख
उस दिन तय हो गई होगी जिस दिन आपने नोकरी शुरू की होगी ...एक शिक्षक के रूप में मुबारक हो जीवन के ये खूबसूरत पल और सौभाग्य है हम सब का की सदी के रूप गुजरा हुआ वक्त हम सब की आँखों के सामने से गुजरा  है  बहुत कम किस्मत के पल होते है जिस स्कुल में इंसान छात्र के रूप में पढ़ा हो उसी में शिक्षक रहा हो और फिर प्रिंसिपल के रूप में  सेवा मुक्त हो...
सेवा मुक्त एक महज शब्द ही नही एक जीवन का फलसफा है आने वाली नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बल्कि आप तो प्रेरणा है नई दिशा है मेरे जैसे अनेको अनेक छात्रों के .... गुरुदेव .....
आप एक आंदोलन है जीवन यात्रा के आप शिक्षा के क्षेत्र में क्योकि आप उम्मीद है आशा है संकल्प है आगाज है 1 मार्च 2017 के बाद आने वाले वक्त के ... बीते हुए वक्त ने अपनी आँखों से देखा है आप जैसे कर्मयोगी को मेहनत लगन के साथ कार्य करते हुए जो इतिहास के रूप में हम सब के दिलो में है सदैव याद अमूल्य पल बन के रहेंगे...
गुरुदेव..... अनेक रंगों को मिलाकर एक रंगोली बनाने का हुनर स्कुल की दीवारों पे लटक गया है  अपनी अमिट छाप के साथ इक याद बन कर ...
ग्रामीण आँचल में एक शिक्षक के रूप में  आपकी अनथक मेहनत की कहानी का पात्र विराट पेड़  के रूप में छाया दे रहा है आज डबवाली स्कुल की धरा पे मेने देखा है नये पौधों को मुस्कराते हुए दीवारों को बोलते हुये...
हमे मान है कि हमारा जीवन सुरजीत हो जाता है जब भी हमे मौका मिलता है स्कुल प्रांगण में जाने का.... सरकारी रजिस्टर में 1 मार्च को हो सकता है हस्ताक्षर न हो हाजरी के रूप में मगर प्राथना सभा  की घण्टी से लेकर छुट्टी की घण्टी तक ...आपका किरदार और कार्यप्रणाली सदैव हाजिर रहेगी ...गूँज उठेगी आने वाले कल की  आवाज बन कर  yes sir..... मैं हाजिर हूँ... सुरजीत हूँ...यही हूँ ....चलो पेड लगाये और हिसाब पढ़ाये...सच मानना इक विद्यार्थी के रूप में हम सब आपकी क्लास में हाजिर रहेंगे आने वाले कल बन कर ....
आप सदैव स्वस्थ रहे ...आपका@shaad

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